यूपी में योगी ही भाजपा क्यों?
यूपी में योगी ही भाजपा क्यों दिख रहे हैं इसका एक राजनैतिक विश्लेषण पढिए , हो सकता है आप भी कुछ ऐसा ही देख रहे हों। लोकसभा चुनाव में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन के बाद से ही योगी आदित्यनाथ के खिलाफ माहौल बनाया जाने लगा था । ऐसा दिखाया जा रहा था की हार की जिम्मेदारी योगी की है । लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण से लेकर यूपी के सभी सीटों की मॉनिटरिंग सीधे दिल्ली से हो रही थी । योगी आदित्यनाथ को इस पूरी प्रक्रिया से दूर रखा गया था और सब कुछ अमित शाह स्वयं देख रहे थे ।
अब सवाल उठता है की जब भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को कोई जिम्मेदारी चुनाव में दी ही नहीं थी तो हार का ठीकरा उनके माथे क्यों फोड़ा जा रहा है ? यूपी में इतने कम सीटों की कल्पना भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कभी नहीं की थी । दिल्ली दरबार शुरुआत से ही योगी को कमजोर करने का काम कर रही थी । इसके पीछे कई कारण है । सबसे बड़ा कारण है मोदी के बाद भाजपा के साधारण कार्यकर्त्ता योगी को देखना चाहते है । योगी हर लिहाज से भाजपा के हिंदुत्व की राजनीति में फिट बैठते है । जिस नर्सरी से मोदी निकल कर आए है योगी उसके फायर ब्रांड नेता माने जाते है । योगी ने अपनी कार्यशैली से इसे दिखाया भी है । बिना लाग लपेट के विरोधियों को खरी खरी सुनाने और हिंदुत्व के साथ कोई समझौता नहीं करने के गुण के कारण आज योगी साधारण भाजपा कार्यकर्त्ता की पसंद है । यूपी में योगी के सीएम बनने के बाद से दंगे नहीं हुए है । बाबा सबका इलाज अपने ही अंदाज से करते है । भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्त्ता योगी में ही भाजपा का भविष्य देखता है ।
अब योगी आदित्यनाथ की राष्ट्रीय स्तर पर पकड़ से सबसे ज्यादा नुकसान अमित शाह को हो रहा है । अमित शाह, मोदी के बाद अपने आपको पीएम मैटेरियल के रूप में देखते है । यूपी में आज जो केशव प्रसाद मौर्य उछल कूद मचा रहे है वो दिल्ली की शह पर है, नहीं तो जो नेता अपनी विधानसभा सीट नहीं जीत पाया हो वो योगी को ताल नहीं ठोक सकता है । केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव हारने के बावजूद उन्हें उप मुख्यमंत्री दिल्ली ने ही बनाया ताकि योगी आदित्यनाथ पर लगाम लगाई जा सके ।
अमित शाह को लगता है की वे केशव प्रसाद मौर्य को आगे करके यूपी में योगी आदित्यनाथ को कंट्रोल कर सकते है । लेकिन यूपी में आज की तारीख में योगी की उपस्थिति ही भाजपा की जीत की गारंटी है । योगी आदित्यनाथ के बिना भाजपा अभी यूपी में जीरो की स्तिथि में है । राज्य का कोई भी नेता योगी के ब्रांड के सामने दूर दूर तक दिखाई नहीं पड़ता है । आम जनता में उनकी छवि बेदाग और एक संत की है । यूपी जैसे राज्य में अपराधियों पर योगी ने जैसे लगाम लगाई है उसकी मिसाल और कही दिखाई नहीं देती है ।
