कब पूरी करेगा रेलवे डेली पैसेंजर की मांग
जमशेदपुर : टाटानगर से राउरकेला मेमू की वर्षो पुरानी मांग आज भी पूरी नहीं हो सकी है। टाटानगर स्टेशन से रोज अप एंड डाउन करने वाले दैनिक पैसेंजर की यह मांग वर्षो पुरानी है मगर रेलवे ने आज तक इस दिशा में पहल नहीं की है ।
हजारों दैनिक यात्री सरकारी और गैर सरकारी विभागों में सीनी, खरसावां, चक्रधरपुर, सोनुवा, गोइलकेरा, मनोहरपुर आदि स्थानों में सुबह अपने काम पर जाते है । लेकिन उनके लिए रेलवे द्वारा समय पर कोई मेमू पैसेंजर आज तक नहीं चलाई गई है ।
वर्षों पहले टाटानगर से नागपुर पैसेंजर 7:25 पर रेलवे द्वारा चलाई जाती थी लेकिन उसके समय सारणी में अनेकों बार बदलाव हुआ है । आज यह ट्रेन सुबह के 6:30 बजे टाटा से खुलती है जो दैनिक ड्यूटी करने वाले यात्रियों के लिए किसी काम का नहीं है । दैनिक यात्रियों के लिए सिर्फ एक ही सहारा वर्षों से रही है दानापुर से दुर्ग तक चलने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन । लेकिन जब से इसे बक्सर तक चलाया जाने लगा है, यह अपने निर्धारित समय पर टाटा नहीं आ पाती है । इसके कारण अप एंड डाउन करने वाले यात्रियों को बसों से अपने कार्यालय जाना पड़ता है । साउथ बिहार ट्रेन में इतनी ज्यादा भीड़ होती है की उसमें बैठने के लिए सीट कभी भी दैनिक यात्रियों को नहीं मिल पाती है ।
सभी राज्य सरकारें अपने राज्यों में दैनिक यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखती है लेकिन झारखंड में सांसद और विधायक सिर्फ नाम मात्र की खानापूर्ति करते है । आज तक जमशेदपुर और चाईबासा के सांसदों और विधायकों द्वारा इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया है ।
दैनिक यात्रियों की समस्या पर किसी भी सरकार या नेता कभी गंभीर नहीं रहे है । इन्हें इनके हाल पर छोड़ दिया गया है। यातायात की समस्याओं से जूझ रहे इन दैनिक यात्रियों की कोई सुनने वाला नहीं है ।
